सेक्स में खाने की भी अपनी अहमियत है. क्या खाया जाए
, कब खाया जाए, कितना खाया जाए और कैसे खाया जाए, इन सबके कुछ न कुछ मायने हैं.
सीमा
आनंद बताती हैं, ''अगर सेक्स से पहले खाना खा लिया जाए तो हमारे
'रेफ़लेक्सेज़' धीमे पड़ जाते हैं और खाने को पचाने में आपके शरीर की सारी
ऊर्जा लग जाएगी. सेक्स के लिए न तो ऊर्जा बचेगी और न ही इच्छा.''
खाना
हमेशा सेक्स के बाद खाना चाहिेए और अच्छा खाना खाना चाहिए. वात्स्यायन
कहते हैं कि इस समय प्रेमी अपनी प्रेमिका को बहुत प्यार से खिलाता है. वो
हर चीज़ को चखता है और अगर उसका स्वाद अच्छा हुआ तो उसे अपनी प्रेमिका की
तरफ़ बढ़ाता है. हम अक्सर कहते हैं कि हम 'डेट' पर जा रहे है. किसी अच्छे
रेस्तराँ में खाना खाएंगे.''
''लेकिन चाहे जितना अच्छा खाना हो जाए,
जितनी अच्छी बातें हो जाएं या जितनी अच्छी फ़्लर्टिंग हो जाए, प्रेमी
अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते क्योंकि खाने के बाद शरीर की क्षमता पर तो असर
पड़ता ही है.''ल सेना में बड़े स्तर पर की गई एक समीक्षा के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा
गया है कि सेना को अपना प्रभाव बढ़ाने और भविष्य की लड़ाइयों के लिए
तैयारी करनी चाहिए.
इस फ़ैसले की जानकारी रखने वाले दो अधिकारियों ने ये बात कही. इस समीक्षा के आदेश 21 जून को दिए गए थे. भी तक व्हाट्सऐप से तलाक देने के मामले सामने आते थे, लेकिन एक मामले में जज ने आदेश ही व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिए दे दिया.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार झारखंड में हज़ारीबाग की एक अदालत के जज ने व्हाट्सऐप कॉल के ज़रिए आदेश दे दिया.
सैन्य सचिव लेफ्टिनेंट जनरल जेएस संधु की अध्य
इस जज ने आरोप तय करते हुए कॉल के ज़रिए ही अभियुक्तों को मुकदमे का
सामना करने का आदेश दिया. फिर जब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो शीर्ष
अदालत ने इस तरह फ़ैसला देने पर नाराज़गी जताई और कहा कि ऐसे मज़ाक को
अदालत में मंज़ूरी कैसे दी गई.
ये मामला 2016 के दंगों से जुड़ा है और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी निर्मला इसमें अभियुक्त हैं. में दी गई एक ख़बर में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा है कि घृणा
फैलाने और भीड़ की हिंसा जैसे मामलों में शामिल लोग ख़ुद को राष्ट्रवादी
नहीं कह सकते.
उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए
सिर्फ़ क़ानून ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सामाजिक व्यवहार में बदलाव लाना
भी ज़रूरी है.
इस मसले के राजनीतिकरण पर नाराज़गी जताते हुए वेंकैया नायडू ने कहा कि इसे राजनीतिक दलों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
वेंकैया
नायडू ने एक साक्षात्कार के दौरान ये बातें कहीं. उन्होंने ये भी कहा कि'
भीड़ की हिंसा का चलन कोई नया नहीं है. पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं.
जब आप किसी दूसरे की हत्या करते हैं तो ख़ुद को राष्ट्रवादी कैसे कह सकते
हैं?'की एक ख़बर में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया है कि काम करने के
बदले यौन संबंध की मांग करना या इसे स्वीकार करना भी रिश्वत माना जाएगा.
अधिकारी
के मुताबिक संशोधित भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून में रिश्वत की परिभाषा
सिर्फ़ आर्थिक या धन के रूप में आकलन लायक संपत्ति तक सीमित नहीं रखी गई.
यौन संबंध की ऐसी मांग के मामले में सात साल जेल तक की सज़ा हो सकती है. में कठुआ रेप से जुड़ी ख़बर है. इसके मुताबिक जम्मू-कश्मीर के कठुआ में
नाबालिग बच्ची से रेप और उसकी मौत के मामले में पोस्टमार्टम करने वाले
चिकित्सकों ने कहा है कि लड़की का यौन उत्पीड़न हुआ था और उसकी मौत दम
घुटने से हुई थी.
डॉक्टरों ने हाल ही में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के सामने अपना बयान दर्ज कराया.
इस
मामले में अदालत में अभी तक 54 लोग गवाही दे चुके हैं. ये मामला जनवरी का है जब कठुआ ज़िले के एक गांव में लड़की की कथित रूप से यौन उत्पीड़न के बाद
हत्या कर दी गई थी.
षता में 11 सदस्यों के पैनल ने ये समीक्षा की है.
न शरणार्थियों का कहना है कि म्यांमार सरकार की ओर से वापस भेजे गए सात शरणार्थियों को अबतक नागरिक नहीं माना गया है. इन्हें एक पहचान पत्र एंबेसी की ओर से जारी किया गया है, जिस में इन्हें म्यांमार का रहने वा ला माना गया है लेकिन नागरिक का दर्जा नहीं दिया गया है. वहीं दूसरी ओर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पि छले महीने सितंबर में भारत में रह रहे रोहिंग्याओं पर बयान दिया था कि ये रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थी नहीं हैं. इन्होंने नियमों का पालन कर शरण नहीं ली. मानवाधिकार की बात करने से पहले देश की सुरक्षा अहम है. ऐसे में रोहिंग्या शरणार्थियों का ड र बढ़ता जा रहा है. दिल्ली में रह रहे रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार लौटने से इनकार नहीं करते. लेकिन वो कहते हैं कि उन्हें नागरिक के तौर पर अपनी पहचान चाहिए. ये पहचान उन्हें यूएन के रिफ्यूज़ी पन्ने पर नहीं बल्कि एक देश के नागरिक के तौर पर चाहिए. मिट्टी की दीवारों वा ले के इस क़मरे पर टा ट की छत पड़ी है जो हवा से भी हिल जाती है. लेकिन मर्दिना के लिए ये अब यही उनका घर है. अपने कुछ महीने के बेटे को गोद में थामे वो कहती हैं, ''मेरे सामने मेरे...
تسبب حادث تعرضت له يابانية تدعى تشي كو أساكاوا في فقدان بصرها وهي في سن 14 عاما، لكن ذلك لم يمنعها على مدار ثلاثة عقود من أن تعكف على ابتكار تكنولوجيا تعتمد على الذكاء الاصطناع ي بغية تغيير حياة أشخاص يعانون من اعتلال ا لبصر. وتقول تشيكو :"كنت عاجزة عن قراءة أي معلومات بنفسي، أو الذهاب إلى أي مكان بمفردي". دفعتها هذه "التجارب المؤلمة" إلى السير على طريق العلم الذي بدأته بدراسة علوم الكمبيوتر لفاقدي البصر، بعدها بفترة قصيرة حصلت على وظيفة في شركة "آي بي إم" للكمبيوتر، وأصبحت مسؤولة عن عملها الريادي في مجال تسهيل حركة فاقدي البصر عن طريق الاستفادة من الخدمات التكنولوجية، وكانت تدرس في هذه الأثناء لنيل درجة الدكتوراه. ويعود لأوساكاوا فضل ابتكار أول طريقة رقمية لقراءة النصوص بطريقة "برايل"، واب تكار أول "متصفح ناطق" عملي في العالم . وعلى الرغم من شيوع استخدام هذا النوع من المت صفحات حاليا، إلا أنها منحت مستخدمي الإن ترنت من فاقدي البصر في اليابان، قبل عشرين عاما، قدرة على الاستفادة من المعلومات بشكل لم يكن متاحا لهم من قبل. ...
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